Health
विश्व क्षय रोग दिवस 2026: जागरूकता, जांच और इलाज पर जोर, खांसी को नजरअंदाज न करें: टीबी के लक्षण पहचानें, समय पर इलाज कराएं
Health • REUTERS
Govind Vaishnav
Chief Editor
Mar 24, 2026 • 4:07 AM IST
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विश्व क्षय रोग दिवस – 24 मार्च 2026
टीबी मुक्त भारत की दिशा में जागरूकता और कार्रवाई को गति देने के उद्देश्य से 24 मार्च 2026 को विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन का विश्व स्तर पर उद्देश्य टीबी जैसी घातक संक्रामक बीमारी के प्रति जन‑जागरूकता बढ़ाना तथा इसके नियंत्रण व उन्मूलन के प्रतिबद्ध राष्ट्रीय–अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को आगे बढ़ाना है। वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम है – “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों की शक्ति से” (Yes! We Can End TB: Led by countries, powered by people), जो राष्ट्रीय नेतृत्व, निवेश एवं नवाचारर consisting समुदाय-संचालित प्रयासों पर विशेष जोर देती है। भारत आज भी विश्व का सबसे अधिक टीबी प्रभावित देश है, जहाँ NTEP (राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम) के तहत डिटेक्ट‑ट्रीट‑प्रिवेंट दृष्टिकोण, मुफ्त जांच–दवा–पोषण सहायता, Ni‑kshay पोर्टल, AI‑आधारित निदान और टीबी मुक्त पंचायत अभियान जैसी नीतियां कागजों से निकलकर जमीन पर उतर चुकी हैं।
डॉ. लोकेश वर्मा, चिकित्सा अधिकारी विभागाध्यक्ष श्वास एवं क्षय रोग विभाग, राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी, अजमेर ने बताया कि 4‑S लक्षण (दो सप्ताह से अधिक खांसी, शाम का बुखार, रात का सीना, वजन कम होना) के आधार पर समय पर निदान और पूर्ण इलाज से यह रोग नियंत्रित व नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि टीबी के खिलाफ सफल अभियान के लिए जागरूकता, सामाजिक कलंक का अंत और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।विश्व क्षय रोग दिवस 2026 हमें यह संकेत देता है कि टीबी को हरा पाना संभव है, बशर्ते सरकार, स्वास्थ्यकर्मी, समुदाय और प्रत्येक नागरिक साझा जिम्मेदारी के साथ सही नीतियों, पर्याप्त संसाधनों और मानवीय दृष्टिकोण से जुड़कर चलें।संपर्क:डॉ. लोकेश वर्मा, चिकित्सा अधिकारी एवं NTEP नोडल ऑफिसर,श्वास एवं क्षय रोग विभाग,राजकीय जिला चिकित्सालय, केकड़ी, अजमेरमोबाइल: 9079074219
टीबी मुक्त भारत की दिशा में जागरूकता और कार्रवाई को गति देने के उद्देश्य से 24 मार्च 2026 को विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन का विश्व स्तर पर उद्देश्य टीबी जैसी घातक संक्रामक बीमारी के प्रति जन‑जागरूकता बढ़ाना तथा इसके नियंत्रण व उन्मूलन के प्रतिबद्ध राष्ट्रीय–अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों को आगे बढ़ाना है। वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम है – “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं: देशों के नेतृत्व में, लोगों की शक्ति से” (Yes! We Can End TB: Led by countries, powered by people), जो राष्ट्रीय नेतृत्व, निवेश एवं नवाचारर consisting समुदाय-संचालित प्रयासों पर विशेष जोर देती है। भारत आज भी विश्व का सबसे अधिक टीबी प्रभावित देश है, जहाँ NTEP (राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम) के तहत डिटेक्ट‑ट्रीट‑प्रिवेंट दृष्टिकोण, मुफ्त जांच–दवा–पोषण सहायता, Ni‑kshay पोर्टल, AI‑आधारित निदान और टीबी मुक्त पंचायत अभियान जैसी नीतियां कागजों से निकलकर जमीन पर उतर चुकी हैं।
डॉ. लोकेश वर्मा, चिकित्सा अधिकारी विभागाध्यक्ष श्वास एवं क्षय रोग विभाग, राजकीय जिला चिकित्सालय केकड़ी, अजमेर ने बताया कि 4‑S लक्षण (दो सप्ताह से अधिक खांसी, शाम का बुखार, रात का सीना, वजन कम होना) के आधार पर समय पर निदान और पूर्ण इलाज से यह रोग नियंत्रित व नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि टीबी के खिलाफ सफल अभियान के लिए जागरूकता, सामाजिक कलंक का अंत और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।विश्व क्षय रोग दिवस 2026 हमें यह संकेत देता है कि टीबी को हरा पाना संभव है, बशर्ते सरकार, स्वास्थ्यकर्मी, समुदाय और प्रत्येक नागरिक साझा जिम्मेदारी के साथ सही नीतियों, पर्याप्त संसाधनों और मानवीय दृष्टिकोण से जुड़कर चलें।संपर्क:डॉ. लोकेश वर्मा, चिकित्सा अधिकारी एवं NTEP नोडल ऑफिसर,श्वास एवं क्षय रोग विभाग,राजकीय जिला चिकित्सालय, केकड़ी, अजमेरमोबाइल: 9079074219
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