KEKRI
बीसलपुर बांध जाने से पहले सावधान! कही पैंथर न कर दे अटैक, सेफ्टी वॉल पर बैठा दिखा पैंथर
बीसलपुर बांध क्षेत्र में पैंथर की मौजूदगी का दावा करने वाला 45 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में सतर्कता बढ़ गई है। वीडियो में रात के समय पैंथर बांध की सेफ्टी वॉल पर बैठा दिखाई दे रहा है। देवली थाना प्रभारी ने ग्रामीणों और राहगीरों से रात में वन क्षेत्र से गुजरते समय सावधानी बरतने की अपील की है। इससे पहले 18 जनवरी को केकड़ी के मेवदाकला में वन विभाग के ट्रैप कैमरे में भी पैंथर कैद हुआ था।
Govind Vaishnav
Chief Editor
Jul 01, 2026 • 2:38 PM IST
केकड़ी, 1 जुलाई 2026। बीसलपुर बांध के वन क्षेत्र में पैंथर की लगातार गतिविधियों की खबरों के बीच एक वीडियो सामने आने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे करीब 45 सेकंड के वीडियो में एक पैंथर बीसलपुर बांध की सेफ्टी वॉल पर बैठा दिखाई दे रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह दृश्य रात के समय वहां से गुजर रहे लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद किया।बीसलपुर बांध, जो जयपुर, अजमेर और टोंक सहित कई शहरों की पेयजल जीवनरेखा है, उसके आसपास घना वन क्षेत्र फैला हुआ है। पिछले कुछ समय से इस क्षेत्र में पैंथर के मूवमेंट की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं। कई ग्रामीण भी पैंथर देखे जाने का दावा कर चुके हैं।बताया जा रहा है कि यह वीडियो देवली थाना प्रभारी दौलत राम गुर्जर द्वारा अपने सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि उन्हें यह वीडियो प्राप्त हुआ है, जिसकी लोकेशन बीसलपुर बांध क्षेत्र जैसी प्रतीत होती है। वीडियो में दिखाई दे रही सेफ्टी वॉल और पीछे का मार्ग डेम के ऊपर जाने वाले रास्ते से मेल खाता नजर आता है। उन्होंने बताया कि स्वयं भी पूर्व में इस क्षेत्र में पैंथर देख चुके हैं। उन्होंने ग्रामीणों एवं राहगीरों से विशेषकर रात्रि के समय वन क्षेत्र से गुजरते हुए पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।उल्लेखनीय है कि इससे पहले 18 जनवरी 2026 को केकड़ी क्षेत्र के मेवदाकला गांव में वन विभाग के ट्रैप कैमरे में भी एक पैंथर कैद हुआ था। उस समय वन विभाग ने अजमेर से पिंजरा मंगवाकर पैंथर को पकड़ने का प्रयास किया था। हालांकि पैंथर कई पालतू जानवरों का शिकार करने के बावजूद वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका।वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पैंथर नदी-नालों और वन क्षेत्रों के प्राकृतिक कॉरिडोर का उपयोग करते हुए लंबी दूरी तक विचरण करते हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि टोडारायसिंह क्षेत्र से नदी किनारे होते हुए पैंथर बीसलपुर के घने जंगलों तक पहुंचा हो। हालांकि इस संबंध में वन विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।प्रशासन और वन विभाग ने आमजन से अपील की है कि वन क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें, रात के समय अकेले नहीं निकलें तथा पैंथर दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसे उकसाने का प्रयास न करें। किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग अथवा स्थानीय पुलिस को सूचना दें।