केकड़ी । नगर पालिका केकड़ी क्षेत्र में जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य करने वाले प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने बकाया मानदेय और प्रशिक्षण भत्ते के भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को नगरपालिका केकड़ी के कार्यवाहक अधिशाषी अधिकारी देशराज मीणा को ज्ञापन सौंपा। प्रगणक दिनेश कुमार वैष्णव ने बताया कि गत 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणकों द्वारा भीषण गर्मी में घर-घर जाकर जनगणना का प्रथम चरण निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया गया। इसके लिए प्रत्येक पात्र कार्मिक को 9,000 रुपये मानदेय तथा 600 रुपये प्रशिक्षण भत्ते का भुगतान किया जाना निर्धारित है, लेकिन तीन माह से अधिक समय गुजरने एवं कार्य पूर्ण होने के बावजूद अभी तक निर्धारित मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। प्रगणकों के अनुसार, राजस्थान सरकार के सांख्यिकी विभाग ने 23 जुलाई 2026 को समस्त जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारियों को लंबित मानदेय का अविलम्ब भुगतान करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद नगरपालिका केकड़ी के शहरी क्षेत्र में कार्यरत प्रगणकों का भुगतान लंबित होने से कार्मिकों में नाराजगी है। ज्ञापन के दौरान प्रगणक सतीश यादव एवं देवीशंकर वैष्णव द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के भुगतान में अंतर का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने बताया कि तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी, तहसील केकड़ी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत प्रगणकों को मानदेय एवं प्रशिक्षण भत्ते का भुगतान किया जा चुका है, जबकि नगरपालिका क्षेत्र के शहरी प्रगणकों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है। इस अवसर पर प्रगणक सुनिता चौधरी और अरुणा शाक्य ने अधिशाषी अधिकारी से मांग की कि शहरी क्षेत्र के समस्त पात्र जनगणना प्रगणकों को निर्धारित मानदेय एवं प्रशिक्षण भत्ते का तत्काल भुगतान करवाने के लिए सम्बन्धित प्रकोष्ठ को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। इस दौरान जनगणना पर्यवेक्षक हरिनारायण बीदा, रमेश डसाणिया, जनगणना प्रगणक दिनेश कुमार वैष्णव, देवीशंकर वैष्णव, रामसहाय मीणा, अरुणा शाक्य, सुनिता चौधरी, सतीश यादव, स्नेहल पारीक, लक्ष्मी कुमावत, हेमन्त कीर, मुकेश कुमार शर्मा, डॉ.सांवरिया शर्मा, कंवरपाल वर्मा, मोहम्मद शरीफ एवं अर्जुन खटीक सहित कई प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मौजूद रहे।