केकड़ी ,28 अगस्त: रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर जहां पूरा शहर भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के उत्सव में डूबा रहा,वहीं केकड़ी को पुनः जिला बनाने की मांग को लेकर बार एसोसिएशन का आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहा।शुक्रवार को बार एसोसिएशन केकड़ी के सचिव समकित जैन एवं कोषाध्यक्ष रवि शंकर पंवार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं एवं न्यायिक परिवार के सदस्यों ने न्यायालय परिसर स्थित धरना स्थल पर पहुंचकर काली पट्टी बांधी और राज्य सरकार द्वारा केकड़ी का जिला दर्जा समाप्त किए जाने के निर्णय के विरोध में ब्लैक डे मनाया।अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केकड़ी को पुनः जिला बनाए जाने तक आंदोलन किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़ेगा। रक्षाबंधन के पर्व पर भी बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं का धरना स्थल पर पहुंचना आंदोलन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
धरना स्थल पर हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने आगामी निकाय चुनाव एवं पंचायती राज चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सर्वसम्मति से तय किया गया कि चुनाव में उन्हीं प्रत्याशियों का समर्थन किया जाएगा, जो अपने चुनावी एजेंडे में केकड़ी को पुनः जिला बनाए जाने की स्पष्ट मांग को शामिल करेंगे।*बार के ऊर्जावान अधिवक्ता पवन सिंह भाटी ने जोशीले अंदाज में नारा बुलंद करते हुए कहा-*
*“जो जिले की बात कहेगा, वो ही केकड़ी पर राज करेगा।”*इस नारे ने धरना स्थल पर मौजूद अधिवक्ताओं में जोश भर दिया और उपस्थित लोगों ने जोरदार समर्थन किया।*हर वार्ड में पहुंचेगा वकीलों का प्रतिनिधिमंडल*अधिवक्ता सूर्यकान्त दाधीच ने आगामी चुनावों के दौरान आमजन को केकड़ी जिला बहाली के मुद्दे के प्रति जागरूक करने के लिए हर वार्ड में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल भेजकर जनजागरण अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा।उपस्थित अधिवक्ताओं ने करतल ध्वनि के साथ इस प्रस्ताव को स्वीकार किया।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केकड़ी का जिला दर्जा केवल प्रशासनिक पहचान नहीं,बल्कि क्षेत्र के विकास,आमजन की सुविधा और केकड़ी के भविष्य से जुड़ा विषय है।इसलिए इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है।*वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने आंदोलन को दिया मजबूती का संदेश*धरना स्थल पर आयोजित कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सलीम गौरी,हेमंत जैन,मनोज आहूजा, राम अवतार मीणा,सीताराम गुप्ता,लक्ष्मी चंद मीणा एवं रवि शंकर पंवार ने संबोधित किया।वक्ताओं ने कहा कि केकड़ी को जिला बनाए जाने के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधाओं और विकास की नई संभावनाएं पैदा हुई थीं।जिला दर्जा समाप्त किए जाने से आमजन को पुनः दूरस्थ जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।ऐसे में जिला बहाली की मांग पूरी तरह जनहित से जुड़ी हुई है।*रक्षाबंधन पर भी अधिवक्ताओं की एकजुटता बनी मिसाल*विशेष बात यह रही कि ब्लैक डे के दिन रक्षाबंधन का पर्व होने के बावजूद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने आंदोलन को प्राथमिकता देते हुए धरना स्थल पर एकत्रित होकर विरोध दर्ज कराया।इसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अधिवक्ताओं ने आंदोलन की आगामी रणनीति एवं केकड़ी जिला बहाली की मांग को लेकर अपने विचार रखे।अधिवक्ताओं ने कहा कि पर्व अपनी जगह है,लेकिन केकड़ी के अस्तित्व,सम्मान और भविष्य की लड़ाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। जब तक केकड़ी का जिला दर्जा पुनः बहाल नहीं होता,आंदोलन को निरंतर जारी रखा जाएगा।*बालाजी महाराज को सौंपा ज्ञापन*कार्यक्रम के अंत में न्यायेश्वर महादेव मंदिर परिसर स्थित बालाजी महाराज को ज्ञापन सौंपा गया और केकड़ी को पुनः जिला बनाए जाने की प्रार्थना की गई। अधिवक्ताओं ने संकल्प लिया कि आंदोलन को और अधिक व्यापक बनाते हुए अब इसे जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।*ये अधिवक्ता रहे मौजूद*रक्षाबंधन के पावन पर्व पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बार एसोसिएशन के सचिव समकित जैन एवं कोषाध्यक्ष रवि शंकर पंवार के नेतृत्व में एडवोकेट राजेंद्र अग्रवाल,सलीम गौरी,निर्मल चौधरी,हेमंत जैन,मनोज आहूजा, परवेज नकवी,पवन भाटी,गजराज सिंह कानावत,सीताराम गुप्ता, आसिफ हुसैन,रामअवतार मीणा,सूर्यकान्त दाधीच,लक्ष्मी चंद मीणा,विष्णु साहू,सुरेंद्र सिंह धन्नावत,जीतेन्द्र राजपुरोहित,शिव प्रकाश चौधरी,प्रहलाद वर्मा,रामेश्वर कुमावत, पवन राठी,दिनेश पारीक,रोहिंन्द्र सिंह,नरेन्द्र जैन,लियाकत अली, भावेश जैन,शिव प्रकाश जाट एवं मुंशी सीताराम बैरवा सहित न्यायिक परिवार के कई सदस्य उपस्थित रहे।रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भी केकड़ी जिला बहाली के लिए अधिवक्ताओं की यह एकजुटता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी रही। अब आगामी निकाय एवं पंचायती राज चुनावों में ‘केकड़ी जिला’ का मुद्दा कितना प्रभाव डालता है, यह आने वाला समय तय करेगा।