केकड़ी। विश्व हिन्दू परिषद दुर्गावाहिनी चित्तौड़ प्रांत के सप्तदिवसीय शौर्य प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय दिवस पर आयोजित बौद्धिक सत्र में मातृशक्ति क्षेत्रीय संयोजिका अभिलाषा यादव ने कहा कि हिन्दू पर्व और त्योहार सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रभक्ति तथा सामाजिक समरसता के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दू परंपरा में वृक्ष, चन्द्रमा, सूर्य और धरती की पूजा प्रकृति संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक है।बौद्धिक सत्र में वर्ग अधिकारी प्रीति साहू मंचासीन रहीं, जबकि संचालन निधि शर्मा ने किया। विश्व हिन्दू परिषद अजयमेरू जिला मंत्री गोविन्द शर्मा ने बताया कि शौर्य प्रशिक्षण वर्ग में प्रशिक्षणार्थी बहनों को प्रतिदिन प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक दिनचर्या अनुसार शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक और बौद्धिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।