इसे जोड़कर खबर को इस तरह अपडेट किया जा सकता है:केकड़ी। नगर पालिका अध्यक्ष अनिल मित्तल ने सोमवार को प्रेस वार्ता में शहर में प्रस्तावित सीवरेज योजना और सड़क निर्माण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि शहर में सड़क निर्माण से पहले सीवरेज का काम होना जरूरी है, अन्यथा सीवरेज लाइन डालने के लिए नई बनी सड़कों को दोबारा खोदना पड़ेगा। इसी को लेकर नगरपालिका की ओर से PWD को पत्र लिखकर पहले सीवरेज और उसके बाद सड़क निर्माण कराने की बात कही गई है।मित्तल ने कहा कि सरकार की ओर से केकड़ी के लिए सीवरेज योजना के टेंडर किए जा चुके हैं। ऐसे में यदि पहले सड़क बना दी जाती है और बाद में सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क खोदी जाती है तो इससे जनता के पैसे की अनावश्यक बर्बादी होगी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में विभागों के बीच समन्वय होना जरूरी है, ताकि एक ही कार्य के लिए सरकारी धन दो बार खर्च नहीं हो।पालिकाध्यक्ष ने डीएलबी की वेबसाइट पर उपलब्ध दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि केकड़ी में करीब 38.20 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना प्रस्तावित है। उनके अनुसार टेंडर प्रक्रिया में कंपनियों ने भाग लिया और लनए इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड बिलो दर के साथ एल-1 रही है। उन्होंने कहा कि अब आगे की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर होगी।मित्तल ने कहा कि जब सरकार सीवरेज परियोजना के लिए टेंडर कर चुकी है तो ऐसे में सीवरेज वाले क्षेत्रों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है, इस पर विचार होना चाहिए।
‘पहले सीवरेज, फिर सड़क’
पालिकाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि शहर में जहां भी सड़क निर्माण प्रस्तावित है, वहां पहले सीवरेज, पेयजल और अन्य भूमिगत लाइनों का काम पूरा कराया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सड़क बनने के बाद सीवरेज लाइन डालने के लिए दोबारा सड़क खोदने से सरकारी धन के साथ सड़क की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी।
उन्होंने इस मामले में विधायक शत्रुघ्न गौतम को भी सरकार के स्तर पर लिए गए फैसलों की जानकारी को लेकर सवाल उठाया। मित्तल ने कहा कि यदि सरकार ने सीवरेज के टेंडर कर दिए हैं तो स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की योजना उसी के अनुरूप बनाई जानी चाहिए।मित्तल ने पालिका के पिछले प्रशासकीय कार्यकाल में सड़क निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया और करीब 10 करोड़ रुपये के हस्तांतरण को भी समीक्षा और जांच का विषय बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य विकास कार्यों को रोकना नहीं, बल्कि नियमों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ विकास कार्य कराना है।प्रेस वार्ता में सफाई, स्ट्रीट लाइट, घर-घर कचरा संग्रहण, नामांतरण, वाई-फाई और आवास योजनाओं से जुड़ी फाइलों की समीक्षा का भी उल्लेख किया गया। मित्तल ने मीडिया से नगरपालिका से संबंधित खबरों में पालिका का आधिकारिक पक्ष भी शामिल करने की अपील की।