केकड़ी में दो दिवसीय प्रान्त स्तरीय विज्ञान मेले का गरिमामय समापन, प्रतिभागी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
केकड़ी के पटेल आदर्श विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित दो दिवसीय प्रान्त स्तरीय विज्ञान मेले का गरिमामय समापन हुआ। चित्तौड़ प्रान्त के 12 जिलों से विद्यार्थियों ने विज्ञान मॉडल, प्रयोग एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया।
KEKRI • REUTERS
Govind Vaishnav
Chief Editor
Sep 28, 2026 • 6:41 PM IST
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केकड़ी। पटेल आदर्श विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, केकड़ी में आयोजित दो दिवसीय प्रान्त स्तरीय विज्ञान मेले का सोमवार को उत्साह, गरिमा एवं राष्ट्रभावना के वातावरण में समापन हुआ। मेले में चित्तौड़ प्रान्त के 12 जिलों से आए विद्यार्थियों ने विज्ञान प्रदर्शनी, मॉडल, प्रयोग एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि बहादुर सिंह शक्तावत, विशिष्ट अतिथि दुर्गालाल धाकड़, कार्यक्रम अध्यक्ष सुरेंद्र अरोड़ा, प्रान्त विज्ञान प्रमुख पूनम सोलंकी एवं विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष बिरदी चंद वैष्णव ने भारत माता एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का परिचय विद्यालय प्रबंध समिति सचिव राजेश शर्मा ने कराया।प्रान्त विज्ञान प्रमुख पूनम सोलंकी ने विज्ञान मेले का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि 12 जिलों से आए विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता की तथा मॉडल एवं प्रयोगों के माध्यम से नवाचार और वैज्ञानिक सोच का परिचय दिया।मुख्य अतिथि बहादुर सिंह शक्तावत ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का सशक्त माध्यम है। विज्ञान मेले विद्यार्थियों में जिज्ञासा, नवाचार, अनुसंधान की भावना एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विज्ञान का उपयोग मानवता एवं राष्ट्र निर्माण के लिए किया जाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि दुर्गालाल धाकड़ ने कहा कि विज्ञान तभी सार्थक है, जब उसके साथ संस्कार, नैतिकता और राष्ट्रभाव का समन्वय हो। विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहकर प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और समाज की समस्याओं के समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य ज्ञान के साथ संस्कार, वैज्ञानिक दृष्टि, राष्ट्रनिष्ठा एवं चरित्र निर्माण करना है। विज्ञान मेले विद्यार्थियों में शोध, नवाचार, आत्मविश्वास एवं स्वदेशी चिंतन को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. विक्रम साराभाई, आचार्य जगदीश चंद्र बोस एवं एमएस स्वामीनाथन जैसे वैज्ञानिकों का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच के साथ राष्ट्र विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों ने प्रमाण-पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता को सफलतापूर्वक संपन्न कराने वाले निर्णायकों का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन आचार्य राहुल कुमार साहू ने किया। अंत में सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया, जिसके साथ दो दिवसीय प्रान्त स्तरीय विज्ञान मेले का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
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