KEKRI
मंदिरों की जमीन बचाने के लिए सड़क पर उतरा वैष्णव समाज, मंदिरों की डोहली भूमि पर कब्जों के खिलाफ पुजारी समाज का प्रदर्शन, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
केकड़ी क्षेत्र में मंदिरों की डोहली भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध कब्जों के विरोध में पुजारी वैष्णव समाज ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। समाज ने केकड़ी के लक्ष्मीनारायण मंदिर, सरसड़ी के बालाजी मंदिर तथा सापणदा सहित विभिन्न स्थानों की मंदिर भूमि पर कब्जों का आरोप लगाते हुए जांच, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की मांग की। ज्ञापन में सापणदा में पुजारी परिवार की महिलाओं के साथ हुई मारपीट की घटना का भी उल्लेख किया गया। समाज ने चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा
Govind Vaishnav
Chief Editor
Jun 08, 2026 • 12:57 PM IST
केकड़ी। क्षेत्र में मंदिरों की डोहली भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध कब्जों के मामलों को लेकर पुजारी वैष्णव समाज में रोष व्याप्त है। कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को वैष्णव समाज ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं उपखंड अधिकारी केकड़ी को ज्ञापन सौंपकर मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, सीमांकन करवाने तथा पुजारी परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।समाज के लोग सुबह नगर पालिका परिसर स्थित अतिरिक्त जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां ज्ञापन सौंपने के बाद पैदल मार्च करते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे और उपखंड अधिकारी को भी ज्ञापन दिया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि क्षेत्र के कई मंदिरों की डोहली भूमि पर प्रभावशाली लोगों द्वारा अवैध कब्जे किए गए हैं, जिससे पुजारी परिवारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ज्ञापन में विशेष रूप से केकड़ी स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर की डोहली भूमि का उल्लेख किया गया, जिस पर लंबे समय से अतिक्रमण होने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा ग्राम सरसड़ी स्थित बटवाड़ी बालाजी मंदिर की भूमि पर भी कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने इन भूमियों की राजस्व अभिलेखों के आधार पर जांच करवाकर सीमांकन करने तथा अतिक्रमण हटाने की मांग की।समाज ने हाल ही में ग्राम सापंदा में मंदिर भूमि विवाद को लेकर हुए घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। ज्ञापन के अनुसार विवाद के दौरान पुजारी परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट की घटना हुई थी, जिसकी रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई गई है। समाज ने आरोप लगाया कि मंदिर भूमि की रक्षा का प्रयास करने वाले पुजारी परिवारों को लगातार धमकियां और प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है।ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई कि मंदिरों की भूमि पर हुए अतिक्रमणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा पुजारी परिवारों को सुरक्षा प्रदान की जाए। समाज ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी दिनों में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।ज्ञापन सौंपने के दौरान सीताराम वैष्णव डाबर, बृजकिशोर वैष्णव बघेरा, परमेश्वर टिलावत, हनुमान साधु जूनिया, गणेश वैष्णव, बुद्धिप्रकाश वैष्णव, रामजीलाल वैष्णव सापंदा, गोविंद वैष्णव, महावीर वैष्णव, दिनेश वैष्णव, उमाशंकर वैष्णव, गोपाल वैष्णव, सत्यनारायण वैष्णव, कैलाश वैष्णव सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।